अमेरिकी चुनाव नतीजों के बाद खाड़ी में हलचल: रियाद और दोहा में कूटनीतिक बैठकें तेज़, सीज़फायर की उम्मीदें बढ़ीं
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने के बाद मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद और कतर के दोहा में खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के नेताओं और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों के बीच उच्चस्तरीय गोपनीय बैठकें शुरू हुई हैं, जिसका उद्देश्य ईरान और क्षेत्रीय शक्तियों के बीच जारी सैन्य गतिरोध को समाप्त कर तत्काल युद्धविराम का मार्ग प्रशस्त करना है।

खाड़ी में कूटनीतिक पहल: अमेरिकी चुनाव परिणामों के बाद क्षेत्रीय तनाव घटाने पर वार्ता शुरू
वाशिंगटन में सत्ता संतुलन के बदलने का सीधा असर खाड़ी क्षेत्र के शक्ति संतुलन पर पड़ता दिख रहा है। अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों पर डेमोक्रेट्स के नियंत्रण के बाद व्हाइट हाउस पर मध्य पूर्व में सक्रिय सैन्य अभियानों को सीमित करने और कूटनीतिक संवाद बहाल करने का भारी राजनीतिक दबाव बन गया है। इस नए घटनाक्रम के बीच रियाद में सऊदी अधिकारियों और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों के बीच मैराथन वार्ता आयोजित हुई।
होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन पर क्षेत्रीय सहमति की ओर कदम
हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर संकट मंडरा रहा था। दोहा में हो रही अनौपचारिक वार्ताओं में लाल सागर और फारस की खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा की गारंटी देने वाले एक बहुपक्षीय निगरानी ढांचे पर विचार किया जा रहा है। ईरानी पक्ष ने भी संकेत दिया है कि यदि आर्थिक प्रतिबंधों में ढील दी जाती है तो वह सैन्य गतिविधियों को थामने के लिए तैयार है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों ने इस कूटनीतिक पहल का स्वागत किया है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यदि आगामी कुछ दिनों में युद्धविराम का औपचारिक ढांचा तैयार हो जाता है, तो वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में स्थिरता आएगी और शिपिंग भाड़े की दरों में आई भारी वृद्धि में राहत मिलेगी।
🔗सत्यापित स्रोत एवं संदर्भ (Verified Sources)
- Reuters:https://reuters.com
- Al Jazeera English:https://aljazeera.com