सरकार का हाई-सिक्योरिटी अलर्ट: एंड्रॉयड और गूगल क्रोम में गंभीर खामियां, CERT-In ने तुरंत अपडेट करने की दी चेतावनी
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी 'सर्ट-इन' (CERT-In) ने गूगल एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम और गूगल क्रोम ब्राउज़र के लिए उच्च गंभीरता (High Severity) वाली सुरक्षा चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने आगाह किया है कि इन खामियों का फायदा उठाकर साइबर हमलावर यूज़र्स के डिवाइस पर रिमोट कोड रन कर सकते हैं और निजी डेटा चुरा सकते हैं।

CERT-In ने जारी किया अलर्ट: एंड्रॉयड और गूगल क्रोम तुरंत अपडेट करने की सलाह
भारत सरकार की नोडल साइबर सुरक्षा एजेंसी कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) ने देश के करोड़ों स्मार्टफोन और कंप्यूटर उपयोगकर्ताओं के लिए एक अत्यावश्यक सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में एंड्रॉयड 13, 14 और 15 के साथ-साथ गूगल क्रोम के पुराने वर्जन्स में कई 'क्रिटिकल' कमजोरियों (Vulnerabilities) की पहचान की गई है।
किस प्रकार का खतरा हो सकता है?
सर्ट-इन के तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, ये खामियां एंड्रॉयड सिस्टम फ्रेमवर्क, मीडिया कोडेक्स और क्रोम के जावास्क्रिप्ट इंजन (V8) में मौजूद हैं। यदि कोई यूजर किसी दुर्भावनापूर्ण लिंक पर क्लिक करता है या संदिग्ध वेबसाइट खोलता है, तो हैकर बिना किसी अनुमति के डिवाइस का पूरा रिमोट एक्सेस हासिल कर सकता है, संवेदनशील पासवर्ड्स और बैंकिंग क्रेडेंशियल्स चुरा सकता है।
सुरक्षित रहने के लिए तुरंत करें ये 2 जरूरी काम:
गूगल ने भी जारी किए सिक्योरिटी फिक्स
गूगल ने अपने आधिकारिक सुरक्षा बुलेटिन में इन खामियों की पुष्टि करते हुए दुनिया भर के ओईएम पार्टनर्स (सैमसंग, शाओमी, वनप्लस, वीवो, ओप्पो) को पैच वितरित कर दिए हैं। साइबर विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि साइबर फ्रॉड से बचने के लिए ऑटो-अपडेट फीचर को हमेशा ऑन रखना चाहिए।
🔗सत्यापित स्रोत एवं संदर्भ (Verified Sources)
- Indian Computer Emergency Response Team (CERT-In):https://cert-in.org.in
- Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY):https://meity.gov.in