फास्ट ट्रैक कोर्ट्स को 5 साल का विस्तार: ₹3,788 करोड़ मंजूर, रेप और पॉक्सो मामलों में मिलेगा त्वरित न्याय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों (FTSCs) की केंद्र प्रायोजित योजना को अगले पांच वर्षों (2026-27 से 2030-31) के लिए जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस योजना पर कुल ₹3,788.04 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जिसमें ₹2,353 करोड़ का केंद्रीय हिस्सा निर्भया फंड से वहन किया जाएगा।

फास्ट ट्रैक कोर्ट्स: ₹3,788 करोड़ की योजना को 2031 तक मिला 5 साल का विस्तार
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों पर सख्त कानूनी कार्रवाई और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाने के उद्देश्य से संचालित फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (FTSC) योजना को 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस महत्वपूर्ण फैसले के तहत देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यरत 850 से अधिक विशेष न्यायालयों को आधुनिक बुनियादी ढांचे और तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा।
निर्भया फंड से वित्तीय पोषण और 2.8 लाख मामलों का निपटारा
कानून एवं न्याय मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों की स्थापना के बाद से अब तक 2.8 लाख से अधिक संवेदनशील आपराधिक मामलों का त्वरित निपटारा किया जा चुका है। योजना के कुल वित्तीय परिव्यय ₹3,788.04 करोड़ में से केंद्र सरकार का हिस्सा ₹2,353.15 करोड़ होगा, जिसकी पूरी व्यवस्था निर्भया फंड के माध्यम से की जाएगी। शेष ₹1,434.89 करोड़ संबंधित राज्य सरकारों द्वारा साझा किए जाएंगे।
इन विशेष न्यायालयों में विशेष सरकारी अभियोजक, बाल-हितैषी गवाह कक्ष (Child-Friendly Courtrooms), वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग उपकरण और डीएनए साक्ष्यों की त्वरित जांच के लिए समर्पित फोरेंसिक समन्वय अधिकारी तैनात किए गए हैं। इससे न केवल मुकदमों की सुनवाई में लगने वाला समय घटकर कुछ महीनों में सीमित हो रहा है, बल्कि पीड़ितों को बार-बार अदालत के चक्कर काटने से भी राहत मिल रही है।
🔗सत्यापित स्रोत एवं संदर्भ (Verified Sources)
- Press Information Bureau (PIB):https://pib.gov.in
- Ministry of Law and Justice:https://lawmin.gov.in