प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: दूसरी संतान बेटी होने पर ₹6,000 की एकमुश्त सहायता, फेस-ऑथेंटिकेशन से होगा DBT भुगतान
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY 2.0) के क्रियान्वयन में बड़ा सुधार किया है। योजना के तहत दूसरी संतान के रूप में कन्या शिशु के जन्म पर ₹6,000 की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में दी जा रही है। पोषण ट्रैकर पोर्टल पर आधार-आधारित फेस-ऑथेंटिकेशन प्रणाली लागू कर दी गई है जिससे कागजी औपचारिकताएं समाप्त हो गई हैं।

मातृ वंदना योजना: कन्या शिशु जन्म पर ₹6,000 की वित्तीय सहायता
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण संवर्धन के लिए संचालित 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना' (PMMVY 2.0) के तहत वित्तीय प्रक्रियाओं को पूर्णतः डिजिटल कर दिया है। योजना के संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार, परिवार में दूसरी संतान के रूप में बालिका (Girl Child) का जन्म होने पर माता को ₹6,000 की आर्थिक सहायता एकमुश्त सीधे बैंक खाते (Direct Benefit Transfer - DBT) में प्रदान की जा रही है।
पोषण ट्रैकर पर फेस-ऑथेंटिकेशन और दस्तावेज़-मुक्त प्रक्रिया
योजना में बिचौलियों और देरी को खत्म करने के लिए सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों के लिए मोबाइल ऐप पर आधार फेस-ऑथेंटिकेशन तकनीक लागू कर दी है। अब किसी भी सरकारी कार्यालय के चक्कर काटे बिना, केवल आधार से जुड़े मोबाइल नंबर और चेहरे के सत्यापन द्वारा मातृत्व लाभ फॉर्म सबमिट हो जाता है। प्रथम जीवित संतान के लिए ₹5,000 की राशि दो किस्तों में और दूसरी संतान बेटी होने पर ₹6,000 की पूरी राशि एक साथ जारी की जाती है।
मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश भर में 3.5 करोड़ से अधिक माताएं इस कल्याणकारी योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं। योजना का मुख्य ध्येय कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना, जन्म के समय लिंगानुपात में सुधार लाना और प्रसव के दौरान पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित करना है।
🔗सत्यापित स्रोत एवं संदर्भ (Verified Sources)
- Ministry of Women and Child Development:https://wcd.nic.in
- Press Information Bureau (PIB):https://pib.gov.in