राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना में बड़ा विस्तार: 10 लाख युवाओं को ₹1,500 DBT स्टाइपेंड, MSME में ऑन-जॉब ट्रेनिंग
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने 'राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना' (NAPS 2.0) का दायरा बढ़ाते हुए 10 लाख नए युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य घोषित किया है। योजना के तहत अप्रेंटिसशिप करने वाले प्रत्येक युवा को ₹1,500 प्रति माह का स्टाइपेंड सीधे बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के ज़रिए दिया जा रहा है, जिससे उद्योगों को कुशल कार्यबल और युवाओं को कमाई के साथ अनुभव मिल रहा है।

NAPS 2.0: 10 लाख युवाओं को ₹1,500 मासिक DBT स्टाइपेंड और उद्योगों में ऑन-जॉब ट्रेनिंग
देश के युवाओं को औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने और रोज़गार क्षमता को बढ़ाने के लिए कौशल विकास मंत्रालय ने 'राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना' (NAPS 2.0) के वित्तीय और डिजिटल ढांचे को सशक्त किया है। योजना के अंतर्गत लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) में अप्रेंटिसशिप करने वाले युवाओं को सरकार सीधे आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है।
कुल स्टाइपेंड का 25% सीधा सरकारी अंशदान
नियमों के तहत नियोक्ताओं द्वारा अप्रेंटिस को दिए जाने वाले कुल निर्धारित वजीफे (स्टाइपेंड) का 25% हिस्सा, जो अधिकतम ₹1,500 प्रति माह होता है, केंद्र सरकार सीधे प्रशिक्षु के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर करती है। शेष 75% राशि संबंधित कंपनी द्वारा वहन की जाती है। इस पारदर्शी डीबीटी प्रणाली से नियोक्ताओं पर वित्तीय बोझ कम हुआ है और छोटे कारखानों में अप्रेंटिस रखने का चलन तेजी से बढ़ा है।
योजना के तहत ऑटोमोबाइल, आईटी हार्डवेयर, टेक्सटाइल, रिटेल और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में 50,000 से अधिक पंजीकृत प्रतिष्ठान युवाओं को 1 से 2 वर्ष की ऑन-जॉब ट्रेनिंग दे रहे हैं। प्रशिक्षण समाप्ति पर राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (NCVT) का प्रमाणपत्र दिया जाता है, जिससे युवाओं को स्थाई रोज़गार पाने में सर्वोच्च प्राथमिकता मिलती है।
🔗सत्यापित स्रोत एवं संदर्भ (Verified Sources)
- Ministry of Skill Development and Entrepreneurship:https://msde.gov.in
- Press Information Bureau (PIB):https://pib.gov.in