SME IPOs पर SEBI का अहम प्रस्ताव: न्यूनतम लॉट साइज ₹2 लाख से घटाकर ₹1 लाख करने की तैयारी, छोटे निवेशकों को राहत
पूंजी बाज़ार नियामक सेबी (SEBI) ने SME आईपीओ सेगमेंट में खुदरा भागीदारी बढ़ाने और लिक्विडिटी में सुधार के लिए एक नया परामर्श पत्र जारी किया है। नियामक ने न्यूनतम आवेदन राशि को वर्तमान ₹2 लाख से घटाकर ₹1 लाख करने और न्यूनतम आवंटियों की संख्या 50 से बढ़ाकर 500 करने का प्रस्ताव रखा है।

SEBI का प्रस्ताव: SME IPO में लॉट साइज ₹2 लाख से घटकर ₹1 लाख संभव
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने लघु एवं मध्यम उद्यम (SME) एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होने वाली कंपनियों के आईपीओ ढांचे में आमूलचूल सुधार के संकेत दिए हैं। नियामक द्वारा जारी किए गए नए कंसल्टेशन पेपर में छोटे और खुदरा निवेशकों के हितों की रक्षा करते हुए बाज़ार की लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। इनमें सबसे अहम प्रस्ताव न्यूनतम आवेदन आकार को ₹2,00,000 से घटाकर ₹1,00,000 करना है।
आवंटियों की संख्या 50 से बढ़ाकर 500 करने की सिफारिश
वर्तमान नियमों के तहत SME आईपीओ में न्यूनतम 50 सफल आवंटियों की आवश्यकता होती है, जिसके कारण शेयरों का संकेंद्रण कुछ चुनिंदा हाथों में रह जाता है। सेबी ने इस संख्या को 10 गुना बढ़ाकर न्यूनतम 500 आवंटी करने की सिफारिश की है। इससे लिस्टिंग के बाद शेयरों में कृत्रिम रूप से होने वाले उतार-चढ़ाव और ऑपरेटरों द्वारा कीमतों के हेरफेर पर प्रभावी लगाम लगेगी।
इसके साथ ही नियामक ने मर्चेंट बैंकरों के लिए ड्यू-डिलिजेंस मानकों को कड़ा करने और कंपनियों के प्रमोटरों के लिए न्यूनतम वित्तीय ऑडिट इतिहास 3 वर्ष अनिवार्य करने की बात कही है। सेबी ने सभी हितधारकों, उद्योग संगठनों और निवेशकों से इस प्रस्ताव पर 25 नवंबर 2026 तक अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत करने को कहा है, जिसके बाद अंतिम विनियम अधिसूचित किए जाएंगे।
🔗सत्यापित स्रोत एवं संदर्भ (Verified Sources)
- Securities and Exchange Board of India (SEBI):https://sebi.gov.in
- National Stock Exchange (NSE):https://nseindia.com