रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत: राजनाथ सिंह ने रखा ₹3 लाख करोड़ उत्पादन का लक्ष्य, ₹50,000 करोड़ का होगा निर्यात
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जैसलमेर में सशस्त्र बलों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए भारत के रक्षा उत्पादन को वर्ष 2029 तक ₹3 लाख करोड़ तक पहुंचाने का ऐतिहासिक लक्ष्य घोषित किया है। इसके साथ ही भारत के रक्षा निर्यात को ₹50,000 करोड़ के पार ले जाने की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत की गई है।

आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र: ₹3 लाख करोड़ के घरेलू उत्पादन का लक्ष्य तय
राजस्थान के जैसलमेर में आयोजित रणनीतिक रक्षा संवाद सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के सैन्य विनिर्माण ढांचे को लेकर बड़ा नीतिगत रोडमैप पेश किया। उन्होंने घोषणा की कि केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2028-29 तक घरेलू रक्षा उत्पादन के वार्षिक मूल्य को ₹3,00,000 करोड़ (3 लाख करोड़ रुपये) के स्तर तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
₹50,000 करोड़ के वार्षिक रक्षा निर्यात का विजन
रक्षा मंत्री ने कहा कि कभी विश्व के सबसे बड़े हथियार आयातक देशों में शुमार रहने वाला भारत अब 85 से अधिक मित्र देशों को अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों का निर्यात कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत का रक्षा निर्यात ₹21,083 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका था। अब सरकार का सीधा लक्ष्य अगले तीन वर्षों में इस आंकड़े को ढाई गुना बढ़ाते हुए ₹50,000 करोड़ वार्षिक के पार पहुंचाना है।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने पॉजिटिव इंडिजनाइजेशन लिस्ट (सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची) के तहत सैकड़ों सैन्य उपकरणों के आयात पर चरणबद्ध प्रतिबंध लगाए हैं। इसके अलावा निजी क्षेत्र के स्टार्ट-अप्स और एमएसएमई इकाइयों को रक्षा अनुसंधान एवं विकास (iDEX योजना) में 25% आरएंडडी बजट का सीधा लाभ दिया जा रहा है, जिससे आर्टिलरी गन, रडार, ड्रोन और मिसाइल प्रणालियों का घरेलू उत्पादन गति पकड़ रहा है।
🔗सत्यापित स्रोत एवं संदर्भ (Verified Sources)
- Press Information Bureau (PIB):https://pib.gov.in
- Ministry of Defence:https://mod.gov.in