राष्ट्रीय सांख्यिकी का होगा पूर्ण डिजिटलीकरण: ₹4,371 करोड़ की VISTAR योजना को मंजूरी, AI और रियल-टाइम डेटा से लैस होगा तंत्र
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'विकसित भारत 2047' के विजन को गति देने के लिए ₹4,371.10 करोड़ की महत्वाकांक्षी VISTAR योजना (Viksit Bharat Initiative for Statistical Transformation, Analytics & Research) को मंजूरी दी है। यह योजना वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक देश की सांख्यिकीय प्रणाली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग को एकीकृत कर डेटा संग्रह और आर्थिक विश्लेषण को रियल-टाइम बनाएगी।

VISTAR योजना: ₹4,371 करोड़ से राष्ट्रीय सांख्यिकी तंत्र का AI आधारित आधुनिकीकरण
नीति निर्माण और आर्थिक फैसलों को सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने देश के सांख्यिकीय ढांचे को 21वीं सदी की अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने का निर्णय लिया है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा संचालित होने वाली VISTAR योजना के तहत पारंपरिक कागजी और विलंबित सर्वेक्षणों को पूरी तरह समाप्त कर डिजिटल एंड-टू-एंड वर्कफ़्लो लागू किया जाएगा।
59 राष्ट्रीय सर्वेक्षण और नए उत्पादन सूचकांकों की शुरुआत
16वें वित्त आयोग के चक्र के दौरान इस योजना के माध्यम से 59 बड़े राष्ट्रीय सर्वेक्षण संचालित किए जाएंगे। इसके अलावा पहली बार 'हेडलाइन इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन' और 'असंगठित क्षेत्र उद्यम सूचकांक' पेश किए जाएंगे, जिससे देश के सेवा क्षेत्र और अनौपचारिक अर्थव्यवस्था के सटीक आंकड़े तुरंत उपलब्ध होंगे। उन्नत एआई एल्गोरिदम फील्ड डेटा का स्वतः सत्यापन करेंगे, जिससे विसंगतियों की संभावना समाप्त हो जाएगी।
योजना के तहत एक अत्याधुनिक राष्ट्रीय डेटा वेयरहाउस भी स्थापित किया जाएगा, जहां शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और आम नागरिकों को प्रमाणित आंकड़े रियल-टाइम डैशबोर्ड पर सुलभ होंगे। यह कदम भारत की डेटा संप्रभुता को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
🔗सत्यापित स्रोत एवं संदर्भ (Verified Sources)
- Press Information Bureau (PIB):https://pib.gov.in
- Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI):https://mospi.gov.in