कच्चे तेल पर बड़ा फैसला: ओपेक प्लस देशों ने दिसंबर तक बढ़ाई उत्पादन कटौती, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में क्रूड मजबूत
सऊदी अरब और रूस के नेतृत्व वाले प्रमुख तेल निर्यातक देशों के समूह 'ओपेक प्लस' (OPEC+) ने कच्चे तेल की आपूर्ति को नियंत्रित रखने के लिए अपनी स्वैच्छिक उत्पादन कटौती को दिसंबर 2026 के अंत तक जारी रखने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतें मजबूत स्तर पर स्थिर बनी हुई हैं।

OPEC+ ने कच्चे तेल के उत्पादन कटौती को दिसंबर तक बढ़ाया, बाजार में कीमतें स्थिर
वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों को स्थिरता प्रदान करने और संभावित मंदी के दबाव से निपटने के लिए प्रमुख तेल उत्पादक देशों (ओपेक प्लस) ने अपनी मौजूदा उत्पादन कटौती को दिसंबर 2026 के अंत तक यथावत रखने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सात प्रमुख उत्पादक राष्ट्रों ने इस विस्तार पर पूर्ण सहमति जताई है।
सऊदी अरब और रूस का साझा रुख
वर्चुअल बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, सऊदी अरब, रूस, इराक, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, कजाकिस्तान और ओमान ने प्रतिदिन लगभग 20 लाख बैरल की मौजूदा कटौती को जारी रखने का संकल्प दोहराया है। समूह का कहना है कि वैश्विक मांग के बदलते रुख और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच बाजार में संतुलन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड पर असर
ओपेक प्लस के इस कदम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में ब्रेंट क्रूड ऑयल के भाव मजबूती के साथ स्थिर बने हुए हैं। अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी मजबूत दायरे में कारोबार कर रहा है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दियों के मौसम में हीटिंग ऑयल की बढ़ती मांग के चलते आपूर्ति में इस संयम से कीमतों को निचला समर्थन मिलेगा।
भारत जैसे आयातक देशों पर प्रभाव
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 85% से अधिक आयात करता है। हालांकि, भारतीय तेल कंपनियों ने रूस से रियायती दरों पर कच्चे तेल की खरीद और पश्चिम एशिया के विविध आपूर्तिकर्ताओं के साथ दीर्घकालिक अनुबंधों के ज़रिए घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर बनाए रखने में सफलता हासिल की है। 29 नवंबर को ओपेक की अगली पूर्ण मंत्रिस्तरीय बैठक में वर्ष 2027 के कोटे पर अंतिम फैसला होगा।
🔗सत्यापित स्रोत एवं संदर्भ (Verified Sources)
- OPEC Official Secretariat:https://opec.org
- Reuters Energy:https://reuters.com