बैतूल जिले के Baretha Ghat को मिली 4-Lane की मंजूरी

Tarun
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बैतूल जिले के Baretha Ghat को मिली 4-Lane की मंजूरी

Madhya Pradesh के Betul जिले में स्थित कुख्यात Baretha Ghat अब मौत का पर्याय नहीं रहेगा। केंद्र सरकार ने इस दुर्गम पहाड़ी रास्ते को Four-Lane Highway में तब्दील करने के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह फैसला न केवल Bhopal और Nagpur के बीच connectivity को सुधारेगा, बल्कि उन सैकड़ों परिवारों के लिए राहत की खबर है जिन्होंने इस संकरे मोड़ पर अपनों को खोया है। Tiger Corridor के संवेदनशील क्षेत्र में होने के कारण यह प्रोजेक्ट लंबे समय से अटका हुआ था, लेकिन अब Environment Ministry और National Highways Authority of India (NHAI) के बीच तालमेल से रास्ता साफ हो गया है। आज के समय में इस विकास कार्य की अहमियत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि यहां ट्रैफिक का दबाव क्षमता से कहीं अधिक हो चुका है।


Baretha Ghat का खौफनाक सच: 51 हादसे और 18 मौतें

सरकारी आंकड़ों और ताजा रिपोर्ट के अनुसार, Baretha Ghat के इस छोटे से पैच पर पिछले कुछ समय में रिकॉर्ड 51 सड़क हादसे दर्ज किए गए हैं। इन दुर्घटनाओं में 18 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जो किसी भी घाट सेक्शन के लिए एक भयावह आंकड़ा है। एक स्रोत के अनुसार, संकरी सड़क और तीखे मोड़ भारी वाहनों के लिए काल साबित होते रहे हैं, खासकर बारिश और कोहरे के दौरान। NHAI के सर्वे में यह पाया गया कि मौजूदा टू-लेन सड़क बढ़ती गाड़ियों की संख्या को संभालने में पूरी तरह नाकाम है। हादसों को रोकने के लिए सड़क का चौड़ीकरण ही एकमात्र विकल्प बचा था, जिसे अब अमलीजामा पहनाया जा रहा है।


Tiger Corridor और पर्यावरण चुनौतियों का समाधान

Baretha Ghat का इलाका जैव विविधता से समृद्ध है और यह एक महत्वपूर्ण Tiger Corridor के अंतर्गत आता है। इसी वजह से सालों तक यहां निर्माण कार्य पर पाबंदी रही क्योंकि सड़क चौड़ी करने के लिए जंगल की कटाई एक बड़ा मुद्दा था। 20 मार्च 2026 को प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्र ने अब सख्त शर्तों के साथ Wildlife Clearance प्रदान कर दी है। योजना के मुताबिक, वन्यजीवों के निर्बाध आवागमन के लिए सड़क के नीचे विशेष Underpass बनाए जाएंगे ताकि Tiger और अन्य जानवर बिना किसी खतरे के सड़क पार कर सकें। यह कदम विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच एक संतुलन बनाने की कोशिश है, जिससे Tiger Corridor की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।


प्रशासनिक तैयारी और स्थानीय लोगों की उम्मीदें

इस प्रोजेक्ट की मंजूरी मिलते ही जिला प्रशासन और NHAI की टीम Action Mode में आ गई है। शुरुआती चरण में जमीन का सीमांकन और पेड़ों की गणना का काम शुरू किया जाएगा। स्थानीय विधायक और जनप्रतिनिधियों ने इस पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट जिले के आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। एक स्रोत के अनुसार, निर्माण के दौरान ट्रैफिक को डायवर्ट करने के लिए भी वैकल्पिक रास्तों पर विचार किया जा रहा है ताकि आम जनता को कम से कम परेशानी हो। इस Four-Lane प्रोजेक्ट में आधुनिक Lightings और Emergency Break-out Ramps भी शामिल किए जाएंगे, जो ब्रेक फेल होने की स्थिति में ट्रकों को सुरक्षित रोकने में मदद करेंगे।


आम यात्रियों पर असर: समय और सुरक्षा दोनों की बचत

जब यह Four-Lane सड़क बनकर तैयार हो जाएगी, तो यात्रियों को घाट पार करने में लगने वाले समय में कम से कम 20 मिनट की कटौती होगी। फिलहाल, भारी ट्रकों के कारण इस घाट पर घंटों जाम लगा रहता है, जिससे Fuel की बर्बादी और मानसिक तनाव बढ़ता है। इस प्रोजेक्ट के बाद Bhopal-Nagpur National Highway पर यात्रा करना काफी सुगम हो जाएगा। यात्रियों के लिए सलाह है कि जब तक वास्तविक निर्माण पूरा नहीं होता, वे Baretha Ghat पर निर्धारित Speed Limit का पालन करें। सुरक्षा ही सबसे बड़ा बचाव है और आने वाला समय इस सफर को पूरी तरह जोखिम मुक्त बना देगा। यह बदलाव क्षेत्र के Logistics और Tourism के लिए भी नए द्वार खोलेगा।

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