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व्यापार•प्रकाशित: 29 अक्टूबर 2026 को 07:15 pm बजे•News Desk

राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन: भारत ने 5.5 लाख मीट्रिक टन ऑफटेक का आंकड़ा पार किया, स्वच्छ ऊर्जा में ऐतिहासिक छलांग

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत उद्योग जगत से 5.5 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष की ऑफटेक प्रतिबद्धताएं हासिल कर ली गई हैं।

भारत में ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र और स्वच्छ ऊर्जा का प्रतीकात्मक चित्र

राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन का प्रतीकात्मक इलस्ट्रेशन

भारत के स्वच्छ ऊर्जा बदलाव और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन प्रयासों को एक बड़ी सफलता मिली है। राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (NGHM) के अंतर्गत देश में ग्रीन हाइड्रोजन की ऑफटेक प्रतिबद्धताएं 5.5 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) के महत्वपूर्ण आंकड़े को पार कर गई हैं।

उर्वरक और रिफाइनरी क्षेत्रों से मिली भारी मांग

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार, यह मांग मुख्य रूप से घरेलू उर्वरक संयंत्रों, तेल शोधक कारखानों (रिफाइनरीज) और इस्पात उद्योग द्वारा दर्ज कराई गई है। इससे आने वाले वर्षों में जीवाश्म ईंधन और प्राकृतिक गैस के आयात पर भारत की निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आएगी।

इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण के लिए रणनीतिक प्रोत्साहन

सरकार के 'स्ट्रेटेजिक इंटरवेंशन फॉर ग्रीन हाइड्रोजन ट्रांजिशन' (SIGHT) कार्यक्रम के तहत घरेलू स्तर पर इलेक्ट्रोलाइजर बनाने वाली कंपनियों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस कदम से भारत को न केवल ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने, बल्कि एशिया में ग्रीन हाइड्रोजन का प्रमुख निर्यातक केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

2030 तक 50 लाख टन वार्षिक उत्पादन का लक्ष्य

केंद्र सरकार ने वर्ष 2030 तक देश में सालाना 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन और 125 गीगावाट की संबंधित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे लगभग 8 लाख करोड़ रुपये का कुल निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है।

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