अरुणाचल में एलएसी पर महा-अभ्यास: सेना, वायुसेना और नौसेना का 'पूर्वी प्रहार', स्वार्म ड्रोन और तोपों का दम
भारतीय सशस्त्र बलों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास अरुणाचल प्रदेश के अग्रिम इलाकों में विशाल त्रि-सेवा संयुक्त युद्धाभ्यास 'पूर्वी प्रहार' का सफल संचालन किया है। भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने अत्यधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में स्वार्म ड्रोन, कामिकेज़ हथियार, एम-777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर और उन्नत सैटेलाइट निगरानी प्रणालियों के साथ एकीकृत युद्धक रणनीति का प्रदर्शन किया।

अरुणाचल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेना, वायुसेना और नौसेना का त्रि-सेवा संयुक्त अभ्यास
पूर्वोत्तर भारत में देश की सीमाओं की अचूक सुरक्षा और भविष्य के बहु-आयामी युद्धों की तैयारी को परखने के लिए भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना ने अरुणाचल प्रदेश के अग्रिम पहाड़ी मोर्चों पर विशाल संयुक्त अभ्यास 'पूर्वी प्रहार' (Poorvi Prahar) संपन्न किया है। इस अभ्यास का मुख्य फोकस तीनों सेनाओं के बीच वास्तविक समय में सटीक तालमेल और त्वरित स्ट्राइक क्षमता का परीक्षण करना था।
स्वार्म ड्रोन, चिनूक हेलीकॉप्टर और एम-777 तोपों की जुगलबंदी
अभ्यास के दौरान भारतीय सेना की एविएशन विंग और स्पेशल फोर्सेस ने अत्याधुनिक एफपीवी (FPV) ड्रोन्स और स्वार्म ड्रोन तकनीकों का सघन अभ्यास किया। भारतीय वायुसेना के चिनूक और रुद्र हेलीकॉप्टरों ने अत्यधिक ऊंचाई वाले फॉरवर्ड बेस पर त्वरित गति से जवानों और अमेरिकी मूल की एम-777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर तोपों को एयरलिफ्ट करने का सफल प्रदर्शन किया।
कॉमन ऑपरेटिंग पिक्चर और संयुक्त कमान का परीक्षण
रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार इस अभ्यास में अंतरिक्ष आधारित सैटेलाइट संचार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित खुफिया डेटा का उपयोग कर एक एकीकृत 'कॉमन ऑपरेटिंग पिक्चर' (COP) बनाई गई। तीनों सेनाओं के कमांडरों ने एक ही डिजिटल नेटवर्क से दुश्मन के ठिकानों की पहचान कर संयुक्त रूप से घातक प्रहार करने की रणनीति को सफलतापूर्वक प्रमाणित किया।
🔗सत्यापित स्रोत एवं संदर्भ (Verified Sources)
- Ministry of Defence, Government of India:https://mod.gov.in
- Eastern Command, Indian Army:https://indianarmy.nic.in