भारतीय मैन्युफैक्चरिंग में जोरदार तेजी: अक्टूबर में फैक्ट्री आउटपुट 57.6 पर पहुंचा, एक्सपोर्ट ऑर्डर्स में 6 महीने का सबसे बड़ा उछाल
एसएंडपी ग्लोबल द्वारा संकलित एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई (PMI) सर्वेक्षण के अनुसार अक्टूबर 2026 में भारतीय कारखानों का उत्पादन सूचकांक 57.6 पर मजबूत बना रहा। अमेरिका, ब्रिटेन, मध्य पूर्व और पड़ोसी देशों से भारी मांग के चलते नए निर्यात ऑर्डरों में पिछले छह महीनों की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है।

भारतीय विनिर्माण क्षेत्र का फैक्ट्री आउटपुट सूचकांक 57.6 पर पहुंचा
वैश्विक मंदी की चिंताओं के बीच भारतीय विनिर्माण उद्योग ने एक बार फिर अपनी आंतरिक मजबूती का प्रदर्शन किया है। अक्टूबर महीने के परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) डेटा से पता चलता है कि हेडलाइन मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 54.9 रहा, जो लगातार 50 से काफी ऊपर रहकर तीव्र विस्तार का संकेत दे रहा है। वहीं वास्तविक उत्पादन का पैमाना 57.6 के स्तर पर बना रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले मजबूत नए ऑर्डर्स
सर्वेक्षण के अनुसार भारतीय सामानों की विदेशी मांग में उल्लेखनीय तेजी आई है। केमिकल, इंजीनियरिंग गुड्स, टेक्सटाइल और ऑटो कंपोनेंट्स क्षेत्र में निर्यात ऑर्डरों में पिछले 6 महीनों की सबसे तेज गति दर्ज की गई। उत्पादकों ने बताया कि त्योहारी सीजन की घरेलू आपूर्ति के साथ-साथ पश्चिमी देशों में क्रिसमस और नए साल के ऑर्डरों ने कारखानों की उत्पादन क्षमता को उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है।
कच्चे माल की लागत नियंत्रित, कारोबारी विश्वास मजबूत
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इनपुट लागत (कच्चे माल के दाम) में मुद्रास्फीति की दर ऐतिहासिक औसत से नीचे रही है, जिससे कंपनियों के मुनाफे पर दबाव कम हुआ है। आगामी 12 महीनों के लिए भारतीय कारखानेदारों का कारोबारी विश्वास अत्यंत सकारात्मक बना हुआ है।
🔗सत्यापित स्रोत एवं संदर्भ (Verified Sources)
- S&P Global Market Intelligence:https://www.spglobal.com
- Financial Express Economy Bureau:https://www.financialexpress.com/economy/india-manufacturing-pmi-october-factory-output-exports