बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की मौत पर हड़कंप: सीएम मोहन यादव ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश, एनटीसीए टीम तैनात
मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (BTR) में एक ही झुंड के 10 जंगली हाथियों की रहस्यमयी मौत से वन्यजीव जगत स्तब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर राज्य स्तरीय विशेष जांच दल (STSF), राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) ने मौके पर पहुंचकर विषैले तत्वों की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है।

बांधवगढ़ में 10 हाथियों की दुखद मौत पर केंद्रीय और राज्य स्तरीय उच्चस्तरीय जांच शुरू
मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ नेशनल पार्क के बफर और कोर जोन में पिछले 72 घंटों के भीतर 13 हाथियों के एक झुंड में से 10 हाथियों की असामयिक मौत ने वन विभाग और वन्यजीव संरक्षणकर्ताओं के होश उड़ा दिए हैं। बीमार पाए गए अन्य हाथियों को बचाने के लिए जबलपुर वेटरनरी कॉलेज और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के विशेषज्ञों की टीमें दिन-रात सघन चिकित्सा में जुटी हैं।
कोदो की फसल में फफूंद या कीटनाशक विषाक्तता की आशंका
प्राथमिक क्षेत्रीय जांच में सामने आया है कि हाथियों के झुंड ने आसपास के खेतों में खड़ी कोदो-कुटकी की फसल का अत्यधिक सेवन किया था। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार अधिक नमी के कारण कोदो की फसल में साइक्लोपियाज़ोनिक एसिड (CPA) नामक माइकोटॉक्सिन फंगस पनप जाता है, जो तंत्रिका तंत्र और फेफड़ों को निष्क्रिय कर देता है। विसरा और मिट्टी के नमूनों को फोरेंसिक लैब भेजा गया है।
सीएम की आपात बैठक, 5 सदस्यीय समिति गठित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उच्चस्तरीय आपातकालीन बैठक बुलाकर वन मंत्री और अतिरिक्त मुख्य सचिव को तुरंत घटनास्थल पर भेजा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि इसमें किसी भी प्रकार की मानवीय साजिश या अवैध कीटनाशक के छिड़काव का प्रमाण मिलता है, तो दोषियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गैर-जमानती कठोर कार्रवाई की जाएगी।
🔗सत्यापित स्रोत एवं संदर्भ (Verified Sources)
- Ministry of Environment, Forest and Climate Change (MoEFCC):https://moef.gov.in
- Press Trust of India (PTI):https://www.ptinews.com/story/national/bandhavgarh-elephant-deaths-probe-mp