F&O ट्रेडिंग में बड़ा बदलाव: SEBI ने लॉट साइज और मार्जिन में किया भारी इजाफा, खुदरा निवेशकों पर असर
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा वायदा एवं विकल्प (F&O) सेगमेंट में लागू किए गए कड़े सुधारों के तहत सूचकांक डेरिवेटिव्स के न्यूनतम अनुबंध मूल्य को ₹5-10 लाख से बढ़ाकर ₹15-20 लाख कर दिया गया है। एनएसई और बीएसई ने निफ्टी और सेंसेक्स के लॉट साइज में 2 से 3 गुना तक की बढ़ोतरी कर दी है।

सेबी ने एफएंडओ ट्रेडिंग में लॉट साइज और पूंजी सीमा में किया बदलाव
भारतीय शेयर बाज़ारों में अनियंत्रित खुदरा सट्टेबाजी और भारी वित्तीय नुकसान को रोकने के लिए पूंजी बाज़ार नियामक सेबी (SEBI) ने इंडेक्स डेरिवेटिव ट्रेडिंग के बुनियादी ढांचे में व्यापक फेरबदल किया है। नए विनियामक ढांचे के तहत किसी भी इंडेक्स ऑप्शन या फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट की न्यूनतम वैल्यू को ₹15 लाख से ₹20 लाख के दायरे में अनिवार्य किया गया है।
इंडेक्स लॉट साइज़ में तीन गुना तक का इजाफा
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार निफ्टी 50 का लॉट साइज़ 25 यूनिट से बढ़ाकर 75 यूनिट, बैंक निफ्टी का लॉट साइज़ 15 से बढ़ाकर 30 यूनिट और बीएसई सेंसेक्स का लॉट साइज़ 10 से बढ़ाकर 20 यूनिट कर दिया गया है। इससे एक ही लॉट खरीदने के लिए आवश्यक मार्जिन पूंजी लगभग तिगुनी हो गई है।
सप्ताह में केवल एक इंडेक्स एक्सपायरी का नियम
सेबी के अध्ययन में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया था कि एफएंडओ में ट्रेड करने वाले 93% से अधिक खुदरा निवेशकों को भारी घाटा उठाना पड़ता है। नए नियमों के तहत प्रत्येक एक्सचेंज को सप्ताह में केवल एक मुख्य बेंचमार्क इंडेक्स (जैसे एनएसई के लिए केवल निफ्टी) पर ही वीकली ऑप्शन एक्सपायरी की अनुमति दी गई है, जिससे एक्सपायरी के दिन होने वाले अत्यधिक अस्थिर जुए पर लगाम लगेगी।
🔗सत्यापित स्रोत एवं संदर्भ (Verified Sources)
- Securities and Exchange Board of India (SEBI):https://www.sebi.gov.in
- The Economic Times Markets:https://economictimes.indiatimes.com/markets/stocks/news/sebi-fo-rules-contract-size-revision-index-lot-sizes