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व्यापार•प्रकाशित: 30 अक्टूबर 2026 को 11:30 am बजे•News Desk

कंटेनर निर्माण प्रोत्साहन योजना को मिली मंजूरी: ₹10,000 करोड़ के बजटीय सहयोग से भारत बनेगा वैश्विक शिपिंग हब

वैश्विक व्यापार और निर्यात में कंटेनर की कमी को हमेशा के लिए समाप्त करने के उद्देश्य से केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹10,000 करोड़ के परिव्यय वाली कंटेनर निर्माण प्रोत्साहन योजना (CMPS) को स्वीकृति प्रदान की है।

भारत में समुद्री शिपिंग कंटेनर निर्माण क्लस्टर का प्रतीकात्मक चित्र

कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (CMPS) का आधिकारिक फैसला

भारतीय निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय समुद्री लॉजिस्टिक्स में आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'कंटेनर विनिर्माण प्रोत्साहन योजना' (Container Manufacturing Promotion Scheme - CMPS) को मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2039-40 तक की अवधि हेतु 10,000 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन तय किया गया है।

विदेशी कंटेनरों पर निर्भरता होगी समाप्त

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में वैश्विक कंटेनर निर्माण बाजार पर कुछ गिने-चुने देशों का एकाधिकार है। कोरोना संकट और लाल सागर संकट के दौरान भारतीय निर्यातकों को खाली कंटेनरों की भारी किल्लत और ऊंचे भाड़े का सामना करना पड़ा था। इस योजना से देश में ही मानक आईएसओ (ISO) कंटेनरों का बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव होगा।

घरेलू निर्माताओं को वित्तीय प्रोत्साहन

योजना के तहत गुजरात के भावनगर, तमिलनाडु के तूतीकोरिन और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में विशेष कंटेनर निर्माण क्लस्टर स्थापित करने वाले उद्योगों को पूंजीगत सब्सिडी और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI तर्ज पर) दिया जाएगा।

वैश्विक लॉजिस्टिक्स में भारत की हिस्सेदारी 10% करने का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य अगले एक दशक के भीतर वैश्विक कंटेनर निर्माण क्षमता का कम से कम 10 प्रतिशत भारत में स्थापित करना है, जिससे निर्यातकों की लॉजिस्टिक्स लागत में 15 से 20 प्रतिशत की सीधी कमी आएगी।

🔗सत्यापित स्रोत एवं संदर्भ (Verified Sources)

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