ग्लोबल AI निवेश से भारत को ₹25 लाख करोड़ का निर्माण अवसर: सेमीकंडक्टर और डिफेंस हार्डवेयर में बड़े उछाल का अनुमान
अवेन्डस कैपिटल (Avendus Capital) की ताजा शोध रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में होने वाले 3 ट्रिलियन डॉलर के एआई बुनियादी ढांचा निवेश से भारत के उन्नत विनिर्माण क्षेत्र को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।

भारत में एआई और सेमीकंडक्टर निर्माण के अवसरों पर रिपोर्ट
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) केवल सॉफ्टवेयर और एल्गोरिदम तक सीमित न रहकर अब वैश्विक औद्योगिक निर्माण का सबसे बड़ा इंजन बन रहा है। प्रमुख निवेश बैंकिंग फर्म अवेन्डस कैपिटल द्वारा जारी एक विस्तृत शोध रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर होने वाले अनुमानित $3 ट्रिलियन (लगभग ₹250 लाख करोड़) के एआई पूंजीगत व्यय से भारत में कम से कम 25 लाख करोड़ रुपये के नए विनिर्माण अवसर पैदा होंगे।
छह प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बनेंगे विकास का आधार
रिपोर्ट में छह ऐसे मुख्य क्षेत्रों की पहचान की गई है जहां भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बन सकता है: सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और टेस्टिंग (OSAT), रक्षा और एयरोस्पेस इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स और औद्योगिक ऑटोमेशन, स्पेस-टेक हार्डवेयर, स्वच्छ ऊर्जा भंडारण, और उन्नत कम्पोजिट सामग्रियां।
डेटा सेंटर और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी मांग
एआई मॉडल के प्रशिक्षण के लिए अत्यधिक कंप्यूटिंग शक्ति और बिजली की आवश्यकता होती है। भारत में नवीकरणीय ऊर्जा की प्रचुरता और कम लागत के चलते वैश्विक टेक कंपनियां नवी मुंबई, नोएडा और हैदराबाद में हाइपरस्केल डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित करने में भारी पूंजी निवेश कर रही हैं।
कुशल इंजीनियरिंग प्रतिभा का रणनीतिक लाभ
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में प्रतिवर्ष निकलने वाले लाखों स्टेम (STEM) स्नातकों और घरेलू स्तर पर स्थापित हो रहे इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC) के कारण बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए भारत एक भरोसेमंद और कुशल विकल्प बनकर उभरा है।
🔗सत्यापित स्रोत एवं संदर्भ (Verified Sources)
- Asian News International (ANI) / Avendus Research:https://www.aninews.in/news/business/india-poised-to-capture-ai-manufacturing-tailwinds-report-2026