दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर एक्शन: CAQM ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश, 5 नवंबर से लागू होंगे धूल नियंत्रण नियम
सर्दियों के आगमन और हवा की धीमी गति के कारण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi-NCR) में वायु गुणवत्ता के संभावित क्षरण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कड़े एहतियाती दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 5 नवंबर से निर्माण स्थलों पर धूल-रोधी उपाय, मैकेनिकल स्वीपिंग और औद्योगिक उत्सर्जन पर विशेष निगरानी लागू होगी।

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण रोकथाम के लिए सीएक्यूएम के कड़े निर्देश
दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को 'गंभीर' श्रेणी में जाने से रोकने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सभी संबंधित राज्य सरकारों (दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान) को अग्रिम स्तर पर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के प्रावधानों को पूरी मुस्तैदी से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
निर्माण स्थलों और सड़कों के लिए सख्त मानक
आयोग के आदेश के अनुसार 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले सभी निर्माण और विध्वंस स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन, वाटर स्प्रिंकलर और ग्रीन नेट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद के उच्च घनत्व वाले ट्रैफिक कॉरिडोर में धूल उड़ने से रोकने के लिए सड़कों की मैकेनाइज्ड स्वीपिंग और पानी के छिड़काव की आवृत्ति बढ़ाई जाएगी।
डीजल जनरेटर और अपशिष्ट जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध
आयोग ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाओं (अस्पताल, रेलवे व मेट्रो) को छोड़कर गैर-अनुमोदित ईंधनों पर चलने वाले डीजल जनरेटर सेटों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। खुले में ठोस कचरा, प्लास्टिक या बायोमास जलाने वालों पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाने और औद्योगिक क्षेत्रों में पीएनजी व स्वच्छ ईंधनों के 100% अनुपालन की औचक जांच के लिए विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए गए हैं।
🔗सत्यापित स्रोत एवं संदर्भ (Verified Sources)
- Commission for Air Quality Management (CAQM) / MoEFCC:https://caqm.nic.in
- The Economic Times Environment:https://economictimes.indiatimes.com/news/environment/pollution/delhi-ncr-air-quality-caqm-directives