टेक्सटाइल सेक्टर को बड़ी राहत: कच्चे कपास पर शून्य कस्टम ड्यूटी 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ी, MSMEs को फायदा
केंद्र सरकार ने घरेलू कपड़ा और परिधान उद्योग को राहत देने के लिए कच्चे कपास के आयात पर सीमा शुल्क (Customs Duty) में दी गई छूट को 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले से विशेष रूप से तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र के कपड़ा एमएसएमई को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में प्रतिस्पर्धी बने रहने में मदद मिलेगी।

कच्चे कपास के आयात पर शुल्क छूट 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ी
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने कपड़ा मंत्रालय की सिफारिश पर अतिरिक्त-लंबे स्टेपल (Extra Long Staple - ELS) कपास पर बुनियादी सीमा शुल्क (BCD) और कृषि अवसंरचना विकास उपकर (AIDC) से पूर्ण छूट की अवधि को 31 दिसंबर 2026 तक विस्तारित कर दिया है। यह छूट 31 अक्टूबर को समाप्त हो रही थी।
कच्चे माल की लागत में स्थिरता और निर्यात को संबल
भारतीय कपड़ा उद्योग परिसंघ (CITI) और अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (AEPC) ने सरकार के इस कदम का पुरजोर स्वागत किया है। उद्योग प्रतिनिधियों के अनुसार घरेलू बाजार में उच्च गुणवत्ता वाले ईएलएस कपास की कमी के कारण धागा मिलों और परिधान निर्माताओं को वैश्विक स्तर पर ऊंचे दामों पर कच्चा माल खरीदना पड़ रहा था, जिससे बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले भारतीय निर्यातकों का मुनाफा घट रहा था।
लाखों कामगारों के रोजगार की सुरक्षा
शुल्क छूट बढ़ने से परिधान निर्माण इकाइयों को कम लागत पर कच्चा माल मिलेगा, जिससे अमेरिका और यूरोपीय संघ को होने वाले कपड़ों के निर्यात में वृद्धि होगी। इससे न केवल एमएसएमई क्षेत्र में कार्यरत लाखों महिला कामगारों के रोजगार सुरक्षित रहेंगे, बल्कि वैश्विक ब्रांड्स के क्रिसमस और नए साल के ऑर्डर्स को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
🔗सत्यापित स्रोत एवं संदर्भ (Verified Sources)
- Ministry of Finance, Government of India:https://financialservices.gov.in
- NDTV Profit Textile News:https://ndtvprofit.com/business/customs-duty-exemption-on-cotton-imports-extended