क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली चीजें अचानक से सस्ती हो जाएं? जैसे आपकी गाड़ी, आपका नया TV, या घर का AC? ये कोई सपना नहीं, बल्कि हकीकत बन गया है। भारत सरकार ने जीएसटी (GST) में एक ऐसा बदलाव किया है, जिसकी उम्मीद किसी ने नहीं की थी। जीएसटी काउंसिल ने 56वीं मीटिंग में जो फैसला लिया, वो सीधा आम आदमी की जेब पर असर डालेगा। ये फैसला ऐसा है, जिसे आप ‘दिवाली गिफ्ट’ कह सकते हैं। अब तक GST की 4 अलग-अलग दरें थीं - 5%, 12%, 18% और 28%। ये रेट इतने कन्फ्यूजिंग थे कि दुकानदार और ग्राहक दोनों परेशान होते थे। लेकिन अब सरकार ने इन दरों को घटाकर सिर्फ दो मेन स्लैब में बदल दिया है - 5% और 18%। इसके अलावा, कुछ खास चीजों पर 40% की एक नई दर भी लगाई गई है, जिसे 'सिन टैक्स' कहा जा रहा है। ये सारे बदलाव 22 सितंबर, 2025 से लागू होने वाले हैं। सोचिए, त्यौहारों का सीजन शुरू होने से ठीक पहले जब आप बाजार जाएंगे, तो कई चीजों की कीमतें पहले से कम मिलेंगी। ये कदम सरकार ने सिर्फ आपकी जेब हल्की करने के लिए नहीं उठाया है, बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ी सोच है, जिससे देश की economy को नई रफ्तार मिल सके।
टीवी, एसी और कार खरीदने का सपना होगा पूरा!
अभी तक अगर आप एक नया AC, TV या वॉशिंग मशीन लेने का सोचते थे, तो 28% का भारी-भरकम जीएसटी देखकर दिल बैठ जाता था। इन चीजों पर इतना ज्यादा टैक्स लगता था कि इनकी कीमत बहुत बढ़ जाती थी। लेकिन अब ये सब 28% के स्लैब से हटाकर 18% के स्लैब में डाल दिए गए हैं। इसका सीधा मतलब है कि अब आप ये सब चीजें आसानी से खरीद पाएंगे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक AC पर करीब 1,500 से 2,500 रुपये तक की बचत हो सकती है। इसी तरह, छोटी कारें (जिनके पेट्रोल इंजन 1200cc से कम और डीजल इंजन 1500cc से कम हों) भी 28% से 18% के स्लैब में आ गई हैं। यह उन लोगों के लिए सबसे बड़ी खबर है जो एक नई गाड़ी खरीदने का प्लान कर रहे थे। इसके साथ ही 350cc तक की मोटरसाइकल, बस और ट्रक भी अब सस्ते हो गए हैं। ये बदलाव सिर्फ ग्राहकों को फायदा नहीं पहुंचाएंगे, बल्कि इससे कंपनियों की सेल भी बढ़ेगी और देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। यह एक ऐसा कदम है जो सरकार और आम जनता, दोनों के लिए फायदे का सौदा है।
खाने-पीने की चीजें भी हुईं सस्ती, अब घर चलाना हुआ आसान!
सिर्फ लग्जरी आइटम्स ही नहीं, आपकी रोज की रसोई में इस्तेमाल होने वाली बहुत सी चीजें भी सस्ती हो गई हैं। घी, बटर, पनीर, पैक्ड नमकीन और यहां तक कि बिस्किट भी अब 12% और 18% के स्लैब से हटाकर सीधे 5% के स्लैब में आ गए हैं। इसका सीधा फायदा हर घर की गृहणी को मिलेगा। महीने का राशन बिल पहले से कम आएगा, जिससे घर का बजट बिगड़ेगा नहीं। इसके अलावा, shampoo, hair oil और toothpaste जैसी चीजें जो पहले 18% जीएसटी के दायरे में आती थीं, वो भी अब 5% के स्लैब में हैं। इसके अलावा, मेडिकल इक्विपमेंट्स और जीवनरक्षक दवाएं भी अब या तो 5% पर आ गई हैं, या फिर उन पर लगने वाला GST पूरी तरह से हटा दिया गया है। यहां तक कि सैलून, जिम और योगा सेंटर्स की सर्विसेस भी अब 18% की जगह 5% GST के दायरे में आ गई हैं। इन सारे फैसलों से आम आदमी को एक बड़ी राहत मिली है, खासकर ऐसे समय में जब महंगाई एक बड़ा मुद्दा है।
हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस भी हुआ GST फ्री!
ये एक ऐसा फैसला है जिसने शायद सबसे ज्यादा लोगों को चौंकाया है। अब तक, अगर आप अपनी हेल्थ या लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लेते थे, तो उस पर 18% का GST लगता था। लेकिन सरकार ने अब इस टैक्स को पूरी तरह से हटा दिया है। इसका मतलब है कि अब इंश्योरेंस पॉलिसी लेना बिल्कुल GST फ्री हो गया है। ये एक बहुत बड़ा कदम है, क्योंकि इससे देश में इंश्योरेंस का कवरेज बढ़ेगा। अभी भी भारत में बहुत से लोग इंश्योरेंस नहीं लेते क्योंकि ये महंगा होता है। लेकिन अब GST हटने के बाद, इंश्योरेंस कंपनियां भी अपनी पॉलिसी की कीमत कम कर सकती हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा पाएंगे। सरकार का मकसद साफ है कि हर भारतीय को हेल्थ और लाइफ सिक्योरिटी मिले। इसके अलावा, एक नई 40% की दर भी लागू की गई है, जो sugary drinks और mid-size/large cars पर लगेगी। ये उन लोगों के लिए है जो ज्यादा खर्च कर सकते हैं, ताकि उनसे मिलने वाले revenue से आम जनता को फायदा पहुंचाया जा सके।
यह जीएसटी का overhaul सिर्फ टैक्स घटाने का फैसला नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की एक सोची-समझी strategy है। सरकार चाहती है कि लोग ज्यादा से ज्यादा सामान खरीदें, ताकि बाजार में पैसा घूमे और कंपनियों की कमाई बढ़े। इससे नई jobs भी बनेंगी। सरकार ने यह भी वादा किया है कि आने वाले समय में जीएसटी के नियमों को और भी आसान बनाया जाएगा, ताकि छोटे व्यापारियों को कोई दिक्कत न हो। जीएसटी काउंसिल की यह मीटिंग बताती है कि सरकार आने वाले समय में भी आम आदमी को राहत देने के लिए बड़े कदम उठा सकती है। यह फैसला एक उम्मीद जगाता है कि भविष्य में चीजें और भी सस्ती हो सकती हैं और देश की economy को नई दिशा मिलेगी।
