तेजस Mk1A फाइटर जेट के लिए GE F-404 इंजन की डिलीवरी तय: अमेरिकी कंपनी मार्च 2025 तक देगी पहली खेप, भारतीय वायुसेना को बड़ी राहत
भारतीय वायुसेना के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस Mk1A के लिए इंजन आपूर्ति में हो रही देरी पर अमेरिकी रक्षा कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए मार्च-अप्रैल 2025 तक आपूर्ति शुरू करने का औपचारिक आश्वासन दिया है।

तेजस लड़ाकू विमान के लिए आधुनिक जेट इंजनों की आपूर्ति पर सहमति
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित किए जा रहे हल्के लड़ाकू विमान तेजस Mk1A (LCA Tejas Mk1A) के उत्पादन को लेकर आ रही सबसे बड़ी बाधा दूर होने के संकेत मिले हैं। अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE Aerospace) ने रक्षा मंत्रालय और एचएएल को आश्वासन दिया है कि वह मार्च-अप्रैल 2025 तक F-404 जेट इंजनों की नियमित आपूर्ति शुरू कर देगी।
भारत द्वारा पेनल्टी क्लॉज लागू किए जाने के बाद सक्रियता
रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के अनुसार, आपूर्ति में हो रहे विलंब को देखते हुए भारत ने अनुबंध के तहत निर्धारित दंड प्रावधानों (Penalty Clauses) को औपचारिक रूप से लागू किया था। वैश्विक एयरोस्पेस सप्लाई चेन में आई दिक्कतों के चलते अमेरिकी निर्माता ने शुरुआती इंजनों की आपूर्ति में देरी की थी।
83 तेजस Mk1A विमानों की आपूर्ति समयसीमा
भारतीय वायुसेना ने फरवरी 2021 में ₹48,000 करोड़ के अनुबंध के तहत 83 तेजस Mk1A लड़ाकू विमानों का ऑर्डर दिया था। पहले विमान की डिलीवरी मूल रूप से इस वर्ष होनी थी, लेकिन इंजन की अनुपलब्धता के कारण इसे टालना पड़ा था। अब जीई द्वारा प्रति वर्ष 16 से 20 इंजनों की डिलीवरी का लक्ष्य रखा गया है।
वायुसेना की स्क्वाड्रन क्षमता के लिए महत्वपूर्ण कदम
पुराने पड़ चुके मिग-21 विमानों के चरणबद्ध रिटायरमेंट के बीच तेजस Mk1A की समय पर उपलब्धता भारतीय वायुसेना की फ्रंटलाइन कॉम्बैट क्षमता बनाए रखने के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। उन्नत रडार (AESA) और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट से लैस यह विमान भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता का प्रमुख स्तंभ है।
🔗सत्यापित स्रोत एवं संदर्भ (Verified Sources)
- The Hindu Defense Bureau:https://www.thehindu.com/news/national/ge-f404-engine-delivery-tejas-mk1a-timeline-assurance/article68813456.ece
- Ministry of Defence Media Release:https://mod.gov.in/dod/press-releases/lca-tejas-engine-procurement-status